✦ ₹499 से अधिक के ऑर्डर पर मुफ्त डिलीवरी✦ भारत भर में 2 लाख से अधिक किसानों का भरोसा।✦ दोपहर 2 बजे से पहले दिए गए ऑर्डर उसी दिन डिस्पैच किए जाएंगे।✦ 100% असली और वास्तविक उत्पाद✦ ₹499 से अधिक के ऑर्डर पर मुफ्त डिलीवरी✦ भारत भर में 2 लाख से अधिक किसानों का भरोसा।✦ दोपहर 2 बजे से पहले दिए गए ऑर्डर उसी दिन डिस्पैच किए जाएंगे।✦ 100% असली और वास्तविक उत्पाद
कात्यायनी के-राजा माइकोराइजा बायो फर्टिलाइजर एक जल में घुलनशील बायो फर्टिलाइजर है जो मिट्टी की उर्वरता को बहाल करता है और उसे जैविक रूप से सक्रिय बनाता है। यह मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों को बढ़ाता है, जिससे उसकी बनावट और जल धारण क्षमता में सुधार होता है। यह बायो फर्टिलाइजर नाइट्रोजन, प्रोटीन और विटामिन जैसे आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे फसलों को स्वस्थ विकास और अधिक पैदावार प्राप्त करने में लाभ होता है। माइकोराइजा कवक पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध बनाते हैं, जिससे पौधों की जल और पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता बढ़ती है, और वे रोगों, सूखे और तनाव के प्रति अधिक प्रतिरोधी बनते हैं।
विनिर्देश:
विशेषता
विवरण
ब्रांड
कात्यायनी
किस्म
के-राजा बायोफर्टिलाइज़र
घुलनशीलता
जल में घुलनशील
लाभ
मिट्टी की उर्वरता, बनावट और जल धारण क्षमता में सुधार करता है
पोषक तत्व
नाइट्रोजन, प्रोटीन, विटामिन
सहजीवी संबंध
पौधों की जड़ों के साथ लाभकारी संबंध बनाता है
प्रतिरोधक क्षमता
पौधों को रोगों, कीटों और सूखे के प्रति अधिक प्रतिरोधी बनाता है
मुख्य विशेषताएं:
जल में घुलनशील बायोफर्टिलाइज़र: मिट्टी की उर्वरता को बहाल करता है और उसे जैविक रूप से सक्रिय बनाता है।
मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार: कार्बनिक पदार्थ, बनावट और जल धारण क्षमता को बढ़ाता है।
पोषक तत्वों से भरपूर: नाइट्रोजन, प्रोटीन और विटामिन जैसे आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है।
सहजीवी कवक: माइकोराइजा कवक लाभकारी संबंध बनाकर पौधों की जड़ों को मजबूत करते हैं।
रोग और तनाव प्रतिरोधक क्षमता: पौधों की रोग, कीट और पर्यावरणीय तनाव के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।
उच्च पैदावार: फसलों की बेहतर वृद्धि और उत्पादकता को बढ़ावा देती है।
लाभ:
सतत कृषि: विषरहित, पौधों पर आधारित उत्पादों के साथ पर्यावरण के अनुकूल खेती का समर्थन करती है।
पौधों का स्वास्थ्य बढ़ाती है: जड़ों के विकास, पत्तियों की स्वस्थ वृद्धि और अधिक फूल आने को बढ़ावा देती है।
मृदा पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार: पौधों में जल धारण क्षमता और पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाती है।
सूखा और रोग प्रतिरोधक क्षमता: पौधों को प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रति अधिक लचीला बनाती है।
उच्च फसल पैदावार: अधिक उत्पादकता और स्वस्थ फसलों की ओर ले जाती है।