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धनूका चेम्पा खरपतवारनाशक – धान में अंकुरण से पहले और बाद में खरपतवारों का व्यापक नियंत्रण
धनूका चेम्पा एक अत्यंत प्रभावी, व्यापक-स्पेक्ट्रम खरपतवारनाशक है जिसमें पाइराज़ोसल्फ्यूरॉन-एथिल 70% डब्ल्यूडीजी होता है। धान की खेती के लिए विशेष रूप से विकसित, चेम्पा घास, चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों और सेज जैसे खरपतवारों की एक विस्तृत श्रृंखला को नियंत्रित करता है जो फसल के प्रारंभिक विकास चरणों के दौरान उससे प्रतिस्पर्धा करते हैं। अंकुरण से पहले और बाद में सक्रियता के साथ, यह चावल की इष्टतम वृद्धि के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा और खरपतवार मुक्त वातावरण सुनिश्चित करता है।
मुख्य विशेषताएं लाभ:
व्यापक प्रभाव: धान के खेतों में उगने वाले प्रमुख खरपतवारों, घासों और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नियंत्रित करता है।
दोहरा प्रयोग: अंकुरण से पहले या अंकुरण के तुरंत बाद प्रयोग करने पर प्रभावी।
दीर्घकालिक नियंत्रण: खरपतवारों की वृद्धि को रोककर लंबे समय तक अवशिष्ट प्रभाव प्रदान करता है।
फसल सुरक्षा: चयनात्मक क्रिया केवल खरपतवारों को लक्षित करते हुए धान पर सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
WDG फॉर्मूलेशन: आसान मिश्रण और एक समान छिड़काव के लिए जल में घुलनशील दाने।
तकनीकी संरचना:
सक्रिय घटक
पाइराज़ोसल्फ्यूरॉन-एथिल
सांद्रता
70% WDG (जल में घुलनशील दाने)
क्रियाविधि
ALS एंजाइम अवरोधक – खरपतवारों में अमीनो अम्ल संश्लेषण को रोकता है
प्रयोग का समय
रोपण से पहले और रोपण के बाद (रोपण के 15 दिनों तक)
लक्षित खरपतवार:
घासदार खरपतवार: इचिनोक्लोआ प्रजाति, डैक्टाइलोक्टेनियम प्रजाति
सेज: साइपरस प्रजाति, फिम्ब्रिस्टिलिस प्रजाति
चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार: अम्मानिया प्रजाति, मोनोकोरिया प्रजाति, लुडविगिया प्रजाति
अनुशंसित फसल:
धान (चावल) – रोपित और सीधे बोए गए दोनों प्रकार के धान के खेतों के लिए उपयुक्त।
उपयोग निर्देश:
रोपण या बुवाई के 0-15 दिनों के भीतर प्रयोग करें।
स्प्रे तैयार करने के लिए स्वच्छ जल का उपयोग करें।
प्रयोग के बाद 3-5 दिनों तक खेत में कम गहराई (2-3 सेमी) पर पानी बनाए रखें।
सावधानियां:
पानी की कमी या सूखे से प्रभावित फसलों पर प्रयोग न करें।
प्रयोग करते समय दस्ताने और मास्क पहनें।
सूखे और भोजन से दूर, सूखी और ठंडी जगह पर संग्रहित करें।